Delhi Liquor Policy News: दिल्ली के बहुचर्चित आबकारी नीति मामले में लगभग चार साल चली कानूनी लड़ाई के बाद शुक्रवार को एक निर्णायक मोड़ आया। दिल्ली की विशेष अदालत के जज जितेंद्र सिंह ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को ‘क्लीन चिट’ देते हुए उन्हें इस मामले से पूरी तरह डिस्चार्ज कर दिया है।
अदालत ने अपने 598 पन्नों के आदेश में स्पष्ट किया कि सीबीआई आरोपियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की ‘आपराधिक साजिश’ या ‘भ्रष्टाचार’ को साबित करने में विफल रही है। कोर्ट ने कहा कि हजारों पन्नों की चार्जशीट दाखिल करने के बावजूद, एजेंसी के पास ऐसा कोई ठोस आधार नहीं था जिससे यह साबित हो सके कि नीति निर्माण के पीछे कोई गलत इरादा था।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी: “सिर्फ अटकलों पर नहीं चल सकता केस”
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सीबीआई की जांच प्रक्रिया को ‘पूर्वनियोजित’ और ‘लचर’ बताते हुए कड़ी फटकार लगाई। फैसले की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
साजिश का अभाव: कोर्ट ने कहा कि आबकारी नीति एक संस्थागत विचार-विमर्श का परिणाम थी, न कि किसी गुप्त साजिश का।
केजरीवाल के खिलाफ कोई सबूत नहीं: जज ने नोट किया कि अरविंद केजरीवाल को मुख्य साजिशकर्ता बताने के लिए सीबीआई ने केवल एक गवाह के बयान के एक हिस्से पर भरोसा किया, जिसका कोई स्वतंत्र पुख्ता प्रमाण (Corroboration) नहीं था।
सिसोदिया को क्लीन चिट: मनीष सिसोदिया के मामले में कोर्ट ने कहा कि उनके पास से न तो कोई अवैध वसूली बरामद हुई और न ही कोई ऐसा वित्तीय ट्रेल मिला जो उन्हें रिश्वत से जोड़ता हो।
अधिकारियों पर जांच के आदेश: कोर्ट ने जांच अधिकारी (IO) के खिलाफ विभागीय जांच की भी सिफारिश की है, जिन्होंने बिना पर्याप्त सामग्री के आरोपियों को फंसाने की कोशिश की।
“सत्यमेव जयते”: केजरीवाल और सिसोदिया हुए भावुक
फैसला आने के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने इसे “स्वतंत्र भारत की सबसे बड़ी राजनीतिक साजिश” करार दिया। केजरीवाल ने कहा, “अदालत ने साबित कर दिया है कि हम ‘कट्टर ईमानदार’ हैं। यह केवल हमारी जीत नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और न्यायपालिका में भरोसे की जीत है।”
मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर “सत्यमेव जयते” लिखकर अपनी प्रतिक्रिया दी। पार्टी समर्थकों ने कोर्ट के बाहर और ‘आप’ मुख्यालय पर जमकर जश्न मनाया।
क्या है पूरा मामला?
यह विवाद 2022 में तब शुरू हुआ था जब दिल्ली के तत्कालीन मुख्य सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। आरोप था कि 2021-22 की नई आबकारी नीति के जरिए शराब कारोबारियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया और इसके बदले ₹100 करोड़ की रिश्वत ली गई। इस मामले के कारण अरविंद केजरीवाल को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था और वे कई महीनों तक जेल में भी रहे थे।
आगे क्या?
हालांकि यह ‘आप’ के लिए एक बड़ी नैतिक और कानूनी जीत है, लेकिन सीबीआई ने इस फैसले को दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती देने का फैसला किया है। जांच एजेंसी का तर्क है कि निचली अदालत ने जांच के कई महत्वपूर्ण पहलुओं को नजरअंदाज किया है।
वहीं, आज यानी 28 फरवरी को अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर जाकर मत्था टेकेंगे और अपनी जीत के लिए शुक्रिया अदा करेंगे।
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