देहरादून रोड रेज फायरिंग मामला ने पूरे शहर को हिला दिया है। राजपुर क्षेत्र में कार सवार युवकों के बीच हुए रोड रेज विवाद ने खौफनाक रूप ले लिया, जिसमें एक बुजुर्ग की जान चली गई। इस मामले में दून पुलिस ने तेजी दिखाते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
रोड रेज से शुरू हुआ खौफनाक खेल
देहरादून के राजपुर क्षेत्र में यह घटना एक रोड रेज विवाद से शुरू हुई। जानकारी के मुताबिक, दो कारों में सवार युवकों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते फायरिंग में बदल गई। इस देहरादून रोड रेज फायरिंग मामला में युवकों ने एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं, जिससे आसपास दहशत फैल गई।
निर्दोष बुजुर्ग बने शिकार
कल सुबह देहरादून के राजपुर क्षेत्र में जोहड़ी, गांव मे फायरिंग की घटना में बुजुर्ग की मौत मामले में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस फायरिंग के दौरान 75 वर्षीय ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी वहां से गुजर रहे थे।
पुलिस का एक्शन: 4 आरोपी गिरफ्तार
घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी:
- रोहित कुमार (दिल्ली)
- संदीप कुमार (पश्चिमी दिल्ली के अमर कॉलोनी मुडका नागलोई निवासी)
- मोहम्मद अखलाक उर्फ साबिर (बिहार के खगरिया निवासी )
- आदित्य चौधरी (देहरादून के रायपुर निवासी)
फरार:
शांतनु त्यागी, कविश त्यागी, समीर चौधरी व वैभव की तलाश की जा रही है।
क्लब कनेक्शन भी आया सामने
जांच में सामने आया कि आरोपी एक क्लब से पार्टी कर लौट रहे थे। वहीं पुलिस ने जेन-जी क्लब भी सील कर दिया है, आरोपी इसी क्लब से पार्टी कर निकले थे, उनकी क्लब मालिक-कर्मियों से ही मारपीट हुई थी। ये क्लब पहले भी सील हो चुका है।
क्यों खतरनाक है रोड रेज?
देहरादून रोड रेज फायरिंग मामला एक गंभीर चेतावनी है। छोटी बहस भी जानलेवा बन सकती है, युवाओं में गुस्से का स्तर बढ़ रहा है, कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती।
पुलिस की आगे की कार्रवाई
पुलिस फरार आरोपियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। CCTV और डिजिटल सबूत खंगाले जा रहे हैं, क्लब से जुड़े लोगों से पूछताछ, जल्द सभी आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा।

जानकारी के मुताबिक ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी (75) अपने साढ़ू और एक साथी के साथ तुलाज ग्रीन सोसाइटी स्थित अपने निवास से मसूरी रोड की तरफ सुबह टहलने के लिए निकले थे। वह घर से करीब 200 मीटर दूर पहुंचे तो मसूरी रोड की तरफ से आ रहीं दो तेज रफ्तार कार पास से गुजरीं। दोनों कार में बैठे युवक एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ गोलियां चला रहे थे। इसी दौरान एक गोली जोशी के सीने में जा लगी। गोली लगते ही वे सड़क पर गिर गए। एक कार से उन्हें मैक्स अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। वे मूल रूप से अल्मोड़ा के रहने वाले थे और तुलाज ग्रीन सोसाइटी के प्रेसीडेंट भी थे। ब्रिगेडियर जोशी के परिवार में एक बेटा-बेटी और बुजुर्ग पत्नी हैं।
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