2030 Commonwealth Games Ahmedabad
कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी को लेकर भारत के अहमदाबाद शहर की दावेदारी अब निर्णायक मोड़ पर आ गई है। नवीनतम जानकारी के अनुसार, कॉमनवेल्थ गेम्स के कार्यकारी बोर्ड ने अहमदाबाद को 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स के प्रस्तावित मेजबान शहर के रूप में आगे बढ़ाने की सिफारिश की है। इस सिफारिश के बाद अब अंतिम निर्णय के लिए इसे पूर्ण कॉमनवेल्थ गेम्स सदस्यता के समक्ष रखा जाएगा, जिस पर फैसला 26 नवंबर 2025 को ग्लासगो में होने वाली कॉमनवेल्थ गेम्स महासभा में किया जाएगा।
भारत ने इन खेलों के शताब्दी संस्करण की मेजबानी के लिए आधिकारिक तौर पर बोली लगाई है और अहमदाबाद को संभावित मेजबान शहर के रूप में प्रस्तुत किया है। अहमदाबाद की दावेदारी इसलिए भी मजबूत मानी जा रही है क्योंकि कई अन्य संभावित मेजबान देश, जैसे कि सिंगापुर और मलेशिया, वित्तीय चिंताओं के कारण इस दौड़ से हट गए हैं। भारत का मानना है कि अहमदाबाद विश्वस्तरीय खेल बुनियादी ढांचे और बड़े अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों को सफलतापूर्वक आयोजित करने की क्षमता रखता है। शहर में दुनिया के सबसे बड़े क्रिकेट स्टेडियम, नरेंद्र मोदी स्टेडियम, के साथ-साथ सरदार वल्लभ भाई पटेल खेल एन्क्लेव जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण कार्य भी जारी है।

यदि अहमदाबाद को मेजबानी मिलती है, तो भारत लगभग 20 साल बाद दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों की सफलतापूर्वक मेजबानी की थी। भारतीय ओलंपिक संघ ने भी इस दावेदारी को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है। इस आयोजन से देश में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिलने, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। इस ऐतिहासिक मौके के लिए भारत की दावेदारी नाइजीरिया की चुनौती का सामना कर रही है, जिसने अबूजा को आगे किया है। भारत के खेल मंत्रालय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी, जो देश के बढ़ते अंतर्राष्ट्रीय खेल आत्मविश्वास को दर्शाता है।
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