ताजा खबरें क्राइम लाइफस्टाइल मौसम खेल बॉलीवुड हॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस राज्य देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

Budget 2026: क्या हुआ सस्ता और क्या हुआ महंगा? देखें पूरी लिस्ट और आपकी जेब पर असर

On: February 1, 2026 3:57 PM
Follow Us:
Budget 2026 Sasta Mehnga List News In Hindi: बजट 2026 की घोषणाओं के बाद अब आम जनता के लिए अपनी खरीदारी की लिस्ट अपडेट करने का समय आ गया है।
---Advertisement---

Budget 2026 Sasta Mehnga List News In Hindi: बजट 2026 की घोषणाओं के बाद अब आम जनता के लिए अपनी खरीदारी की लिस्ट अपडेट करने का समय आ गया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 9वें बजट में घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं।

Key Takeaways From Nirmala Sitharaman's Union Budget 2026–27

1 फरवरी 2026 को संसद में पेश किए गए केंद्रीय बजट में सरकार ने ‘विकसित भारत’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए मध्यम वर्ग और किसानों के लिए कई राहतें दी हैं। सीमा शुल्क (Customs Duty) और टीसीएस (TCS) दरों में बदलाव के कारण जहाँ कैंसर और शुगर जैसी गंभीर बीमारियों की दवाएं सस्ती हुई हैं, वहीं विदेशी शराब और आयातित गैजेट्स अब आपकी जेब पर थोड़ा ज्यादा भारी पड़ सकते हैं।

बजट 2026 की ‘सस्ता-महंगा’ लिस्ट

नीचे दी गई तालिका से आप आसानी से समझ सकते हैं कि इस बार के बजट ने किस सामान की कीमत को कम किया है और किसे बढ़ाया है:

यह भी पढ़ें: Magh Purnima 2026 Date: माघ पूर्णिमा 1 या 2 फरवरी? जानें शुभ मुहूर्त, स्नान-दान विधि और महत्व

क्या हुआ सस्ता?

वस्तु/सेवाकारण
कैंसर और शुगर की दवाएं17 जीवन रक्षक दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटाई गई।
मोबाइल और चार्जरमोबाइल पार्ट्स और कैमरा लेंस पर आयात शुल्क में कटौती।
इलेक्ट्रिक वाहन (EV)लिथियम आयन बैटरी बनाने वाले कच्चे माल पर छूट।
सोलर पैनलसोलर ग्लास और मैन्युफैक्चरिंग पार्ट्स सस्ते हुए।
जूते और लेदर प्रोडक्ट्सकच्चे चमड़े और सिंथेटिक फुटवियर इनपुट्स पर ड्यूटी कम हुई।
विदेशी पढ़ाई और चिकित्साLRS के तहत TCS को 5% से घटाकर 2% किया गया।
माइक्रोवेव ओवनपुर्जों पर कस्टम ड्यूटी में रियायत दी गई।
विदेशी टूर पैकेजTCS दर 5% (पहले 20%) से घटाकर 2% की गई।

क्या हुआ महंगा?

वस्तु/सेवाकारण
विदेशी शराब (Imported Alcohol)कस्टम ड्यूटी और TCS (1% से बढ़ाकर 2%) में बदलाव।
कॉफी मशीनेंरोस्टिंग और वेंडिंग मशीनों पर मिलने वाली छूट वापस ली गई।
व्यावसायिक गैस (Commercial LPG)19 किलो वाले सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि।
इंपोर्टेड टीवी और कैमरेहाई-एंड आयातित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों पर टैक्स बढ़ा।
खाद (Fertilizers)अमोनियम फॉस्फेट जैसे रसायनों पर छूट खत्म होने से असर।
फ्यूचर और ऑप्शन ट्रेडिंगसिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में बढ़ोतरी।
Budget 2026 Highlights, Speech Live: Union Budget Highlights Income Tax  Changes | FM Nirmala Sitharaman Union Budget Speech Live from Parliament |  India Budget 2026 Speech, Highlights Live Streaming - Business News | The  Financial Express

मध्यम वर्ग और सैलरीड क्लास के लिए राहत

वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि आयकर अधिनियम, 2025 अब 1 अप्रैल से प्रभावी होगा। हालांकि टैक्स स्लैब में कोई क्रांतिकारी बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन आयकर रिटर्न (ITR) को संशोधित करने की समयसीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई है। इसके अलावा, मोटर एक्सीडेंट क्लेम से मिलने वाले मुआवजे को पूरी तरह टैक्स फ्री कर दिया गया है, जो संकट के समय परिवारों को बड़ी राहत देगा।

Budget 2026: Sitharaman's six-point plan to propel India's next growth  phase - The Economic Times

स्वास्थ्य और शिक्षा: मरीजों और छात्रों की चांदी

सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए कैंसर की दवाओं को सस्ता किया है। साथ ही, दुर्लभ बीमारियों (Rare Diseases) के लिए व्यक्तिगत उपयोग के लिए मंगाई जाने वाली दवाओं और विशेष भोजन को भी ड्यूटी-फ्री कर दिया गया है। छात्रों के लिए विदेश में पढ़ाई अब सस्ती होगी क्योंकि उदारीकृत प्रेषण योजना (LRS) के तहत लगने वाला टैक्स (TCS) अब काफी कम कर दिया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल में स्वदेशी को बढ़ावा

बजट 2026 का मुख्य फोकस ‘मेक इन इंडिया’ पर है। स्मार्टफोन की बैटरी, पीसीबीए (PCBA) और कैमरा लेंस पर ड्यूटी कम करने का सीधा मतलब है कि आने वाले दिनों में भारत में बनने वाले स्मार्टफोन की कीमतें गिरेंगी। साथ ही, लिथियम आयन सेल पर छूट से टाटा और महिंद्रा जैसी कंपनियों की इलेक्ट्रिक गाड़ियाँ आम आदमी की पहुंच में और करीब आएंगी।

बजट 2026 एक मिला-जुला परिणाम

बजट 2026 एक मिला-जुला परिणाम लेकर आया है। जहाँ एक तरफ स्वास्थ्य, शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में आम आदमी को सीधी राहत मिली है, वहीं लग्जरी सामान और आयातित विलासिता की वस्तुओं पर खर्च बढ़ गया है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि वह घरेलू विनिर्माण को प्राथमिकता दे रही है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment