Bageshwar Electricity Bill News In Hindi: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में ऊर्जा निगम की लापरवाही ने आम जनता की रातों की नींद और दिन का चैन छीन लिया है। जिले के दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले उपभोक्ताओं को हजारों नहीं बल्कि लाखों रुपये के बिजली बिल थमा दिए गए हैं। आलम यह है कि एक सामान्य ग्रामीण परिवार, जिसकी आय मुश्किल से कुछ हजार रुपये है, उसे 3 लाख रुपये से भी अधिक का बिल भेजा गया है।

मुख्य घटनाएं और प्रभावित ग्रामीण
बागेश्वर तहसील के अंतिम छोर पर स्थित भैसूड़ी गांव के ग्रामीणों ने ऊर्जा निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने पिछले साल मार्च में अपने सभी पुराने बिलों का भुगतान कर दिया था, लेकिन इसके बावजूद विभाग बार-बार भारी-भरकम बिल भेज रहा है।
- आनंद सिंह राठौर: भैसूड़ी निवासी आनंद सिंह को 3,96,824 रुपये का बिजली बिल मिला है। यह देखकर पूरा परिवार सदमे में है।
- देबुली देवी: इन्हें 30,373 रुपये का बिल थमाया गया है।
- राधिका देवी: इनका बिल 28,359 रुपये आया है।
- राजेंद्र सिंह: इन्हें 13,848 रुपये का बिल मिला है।

इनके अलावा कपकोट क्षेत्र के अंत्योदय कार्ड धारक परिवारों को भी 60 हजार रुपये तक के बिल भेजे गए हैं, जबकि उनकी खपत न्यूनतम है।
विभागीय लापरवाही या तकनीकी खामी?
ग्रामीणों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है। पिछले वर्ष सितंबर में भी बिल बढ़कर आए थे, जिन्हें ग्रामीणों ने जमा कर दिया था। लेकिन अब लाखों के बिल आने से साफ़ है कि या तो मीटर रीडिंग में बड़ी गड़बड़ी है या फिर सॉफ्टवेयर में तकनीकी खामी।

कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि उनके घरों में ‘चेक मीटर’ नहीं लगाए गए हैं और विभाग औसत आधार पर मनमाने बिल भेज रहा है। दूसरी ओर, बागेश्वर जिले में बिजली की खपत बढ़ने के कारण अघोषित कटौती भी जारी है, जिससे जनता दोहरी मार झेल रही है।
ऊर्जा निगम का पक्ष
मामले के तूल पकड़ने पर ऊर्जा निगम के एसडीओ (SDO) एस.एस. भंडारी ने आश्वासन दिया है कि इन बिलों की बारीकी से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा, “भैसूड़ी और अन्य गांवों से मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि यह मानवीय चूक है या तकनीकी। त्रुटि पाए जाने पर बिलों में सुधार किया जाएगा।”

ग्रामीणों की चेतावनी: ‘सुधार नहीं तो आंदोलन’
क्रोधित ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक विभाग वास्तविक रीडिंग के आधार पर बिल नहीं देता, वे एक पैसा भी जमा नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इन ‘फर्जी’ बिलों को वापस नहीं लिया गया, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन और उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
बिजली बिल का यह मुद्दा केवल एक जिले का नहीं
बागेश्वर में लाखों के बिजली बिल का यह मुद्दा केवल एक जिले का नहीं है, बल्कि यह उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में ऊर्जा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है। जहाँ एक ओर सरकार ‘स्मार्ट मीटर’ और डिजिटल इंडिया की बात कर रही है, वहीं दूसरी ओर एक गरीब किसान को 4 लाख का बिल थमाना विभाग की संवेदनहीनता को दर्शाता है।

हाँ, बिल्कुल। यदि आप या कोई परिचित इस समस्या का सामना कर रहे हैं, तो एक औपचारिक शिकायत पत्र (Complaint Letter) देना बहुत ज़रूरी है ताकि आपके पास भविष्य के लिए दस्तावेजी सबूत रहे।
यहाँ एक प्रभावी शिकायत पत्र का प्रारूप दिया गया है जिसे आप अधिशासी अभियंता (Executive Engineer) या एसडीओ (SDO) को संबोधित करके दे सकते हैं:
बिजली बिल में गड़बड़ी हेतु शिकायत पत्र
सेवा में, अधिशासी अभियंता (Executive Engineer), उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL), जनपद: बागेश्वर, उत्तराखंड।
विषय: अत्यधिक और त्रुटिपूर्ण बिजली बिल के संबंध में शिकायत।
महोदय/महोदया,
सविनय निवेदन इस प्रकार है कि मैं [आपका नाम], ग्राम [अपने गांव का नाम], तहसील [अपनी तहसील का नाम] का निवासी हूँ। मेरा विद्युत उपभोक्ता संख्या (Service Connection No.) [यहाँ अपना कनेक्शन नंबर लिखें] है।
मैं इस पत्र के माध्यम से आपका ध्यान विभाग द्वारा प्राप्त हालिया बिजली बिल की ओर आकर्षित करना चाहता हूँ। इस महीने मुझे [बिल की राशि, जैसे: 3,50,000/-] रुपये का बिल प्राप्त हुआ है, जो कि मेरी वास्तविक बिजली खपत से कई गुना अधिक है। मेरे घर में बिजली का उपयोग बहुत ही सीमित है और पिछले सभी बिलों का भुगतान समय पर किया जा चुका है।

इतनी भारी-भरकम राशि का बिल आना स्पष्ट रूप से मीटर रीडिंग की गड़बड़ी या विभागीय सॉफ्टवेयर की तकनीकी खामी को दर्शाता है। इस कारण मेरा परिवार अत्यधिक मानसिक तनाव में है।
अतः आपसे विनम्र निवेदन है कि:
- मेरे विद्युत मीटर की जांच के लिए किसी लाइनमैन या तकनीशियन को भेजा जाए।
- इस त्रुटिपूर्ण बिल पर रोक लगाकर इसे संशोधित (Correct) किया जाए।
- यदि आवश्यक हो, तो ‘चेक मीटर’ लगाया जाए ताकि वास्तविक रीडिंग का पता चल सके।
आशा है कि आप जनहित को ध्यान में रखते हुए इस मामले का त्वरित निस्तारण करेंगे।
संलग्नक:
- हालिया बिजली बिल की प्रति (Photocopy)।
- पिछले भुगतान किए गए बिल की रसीद।
भवदीय,
नाम: _____________________ हस्ताक्षर: __________________ मोबाइल नंबर: _______________ दिनांक: 21 जनवरी, 2026
अगले कदम जो आपको उठाने चाहिए:
- पावती (Acknowledgement) लें: जब आप यह पत्र कार्यालय में जमा करें, तो इसकी एक फोटोकॉपी पर रिसीविंग (स्टैम्प और साइन) ज़रूर लें।
- हेल्पलाइन: आप अपनी शिकायत उत्तराखंड ऊर्जा निगम के टोल-फ्री नंबर 1912 पर भी दर्ज करवा सकते हैं।









