Maharashtra Deputy CM Sunetra Pawar Oath Ceremony News In Hindi: महाराष्ट्र की राजनीति के लिए आज का दिन ऐतिहासिक रहा। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दिग्गज नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद उनकी पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र की नई उपमुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। मुंबई के राजभवन (लोक भवन) में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के इतिहास में इस प्रतिष्ठित पद को संभालने वाली पहली महिला बन गई हैं। यह राजनीतिक बदलाव अजित पवार के उस दुखद निधन के बाद आया है, जो बीते बुधवार (28 जनवरी 2026) को बारामती के पास एक विमान दुर्घटना में हुआ था।
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विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुनाव
शपथ ग्रहण समारोह से पहले, शनिवार दोपहर को दक्षिण मुंबई स्थित विधान भवन में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में वरिष्ठ नेता छगन भुजबल ने सुनेत्रा पवार के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे पार्टी के सभी विधायकों ने सर्वसम्मति से स्वीकार कर लिया। बैठक के बाद एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र सौंपकर सूचित किया कि सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नया नेता चुना गया है।

अजित दादा की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
शपथ लेने के बाद सुनेत्रा पवार ने सोशल मीडिया (X) पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने कहा:
“अजित दादा ने अपना पूरा जीवन किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं के लिए समर्पित किया। आज उनके असमय जाने से मेरे दिल पर दुखों का पहाड़ टूटा है, लेकिन उनके द्वारा सिखाए गए कर्तव्य पथ और जनसेवा के संकल्प को मैं आगे बढ़ाऊंगी। मैं ‘शिव-शाहू-फुले-अंबेडकर’ के विचारों पर चलते हुए एक न्यायपूर्ण और विकसित महाराष्ट्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हूं।”

महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी
सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ तीन महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपी गई है:
- राज्य उत्पाद शुल्क (State Excise)
- खेल और युवा कल्याण
- अल्पसंख्यक विकास और वक्फ
उल्लेखनीय है कि वित्त और योजना विभाग, जो पहले अजित पवार के पास थे, फिलहाल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने पास रखे हैं।
शपथ ग्रहण में दिग्गजों की मौजूदगी
समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (वर्चुअल माध्यम से), प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे सहित महायुति गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। हालांकि, शरद पवार और सुप्रिया सुले इस समारोह में नजर नहीं आए, जिससे राज्य की राजनीति में परिवार और पार्टी के भविष्य को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
राजनीतिक सफर: सामाजिक कार्य से सत्ता के शीर्ष तक
18 अक्टूबर 1963 को जन्मी सुनेत्रा पवार मूल रूप से एक राजनीतिक परिवार से आती हैं। उनके भाई पद्मसिंह पाटिल राज्य के पूर्व मंत्री रह चुके हैं। 1985 में अजित पवार से विवाह के बाद, वे लंबे समय तक पर्दे के पीछे रहकर बारामती में सामाजिक और शैक्षणिक कार्यों में सक्रिय रहीं। 2024 में उन्होंने पहली बार सक्रिय राजनीति में कदम रखा और बारामती से लोकसभा चुनाव लड़ा। हालांकि वे अपनी ननद सुप्रिया सुले से हार गईं, लेकिन बाद में उन्हें राज्यसभा भेजा गया। अब, परिस्थितियों के कारण वे महाराष्ट्र की राजनीति के केंद्र में आ गई हैं।
भविष्य की चुनौतियां
विशेषज्ञों का मानना है कि सुनेत्रा पवार के सामने सबसे बड़ी चुनौती अजित पवार द्वारा बनाए गए मजबूत कैडर को एकजुट रखने और आगामी चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन को दोहराने की होगी। साथ ही, शरद पवार गुट के साथ पार्टी के संभावित विलय की अटकलों पर भी अब उन्हीं का निर्णय अंतिम होगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सुनेत्रा पवार को बधाई देते हुए विश्वास जताया है कि वे राज्य के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।









