ताजा खबरें क्राइम लाइफस्टाइल मौसम खेल बॉलीवुड हॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस राज्य देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

चीन में AI की बड़ी उपलब्धि: बिना लक्षणों के भी पहचाना जानलेवा पैंक्रियाज कैंसर

On: January 3, 2026 10:16 AM
Follow Us:
दुनिया भर में चिकित्सा विज्ञान के लिए पैंक्रियाज (अग्नाशय) का कैंसर सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहा है। इसे 'साइलेंट किलर' कहा जाता है
---Advertisement---

दुनिया भर में चिकित्सा विज्ञान के लिए पैंक्रियाज (अग्नाशय) का कैंसर सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक रहा है। इसे ‘साइलेंट किलर’ कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण तब तक प्रकट नहीं होते जब तक कि यह अंतिम चरणों में न पहुँच जाए। लेकिन हाल ही में चीन से आई एक रिपोर्ट ने पूरी दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है। अलीबाबा समूह की ‘डामो एकेडमी’ (DAMO Academy) द्वारा विकसित एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल ने उन मरीजों में भी पैंक्रियाज कैंसर की सटीक पहचान की है, जिनमें इस बीमारी के कोई बाहरी लक्षण नहीं थे। यह तकनीक न केवल भविष्य में लाखों लोगों की जान बचा सकती है, बल्कि कैंसर स्क्रीनिंग के पारंपरिक तरीकों को भी पूरी तरह बदल सकती है।

इसको लेकर सामने आई जानकारी को आप इस पेज पर क्लिक कर भी देख सकते है।

pancreatic cancer is cancer that forms in the cells of the pancreas 3d illustration
image – pixabay

अदृश्य को देखने वाली तकनीक: पांडा (PANDA)

इस नई सफलता के पीछे अलीबाबा द्वारा विकसित ‘पांडा’ (PANDA) नामक एक डीप-लर्निंग मॉडल है। यह तकनीक मुख्य रूप से बिना कॉन्ट्रास्ट वाले सीटी स्कैन (Non-contrast CT Scans) का विश्लेषण करती है। आमतौर पर, पैंक्रियाज के ट्यूमर इतने छोटे और सूक्ष्म होते हैं कि वे साधारण सीटी स्कैन में रेडियोलॉजिस्ट की आँखों से बच जाते हैं। लेकिन ‘पांडा’ को लाखों इमेज डेटासेट पर प्रशिक्षित किया गया है, जिससे यह ऊतकों के बीच के उन सूक्ष्म बदलावों को भी पकड़ लेता है जो इंसानी आँखों के लिए देख पाना लगभग असंभव है।

Human Body Organs Anatomy (Pancreas) 3D Illustration of Human Body Organs Anatomy (Pancreas) pancreas stock pictures, royalty-free photos & images

एक अद्भुत केस स्टडी: सिजुन की कहानी

इस तकनीक की प्रभावशीलता का सबसे बड़ा प्रमाण चीन के झेजियांग प्रांत के एक अस्पताल में देखने को मिला। यहाँ ‘सिजुन’ नाम के एक मरीज में इस तकनीक ने चमत्कार कर दिखाया। सिजुन को पैंक्रियाज कैंसर का कोई लक्षण नहीं था; वह अस्पताल में किसी अन्य मामूली समस्या के लिए भर्ती हुए थे। उनके सामान्य सीटी स्कैन की रिपोर्ट में डॉक्टरों को कुछ भी संदिग्ध नहीं लगा। लेकिन जब उसी स्कैन को ‘पांडा’ एआई टूल के माध्यम से प्रोसेस किया गया, तो उसने पैंक्रियाज में एक छोटी सी गांठ (लेसियन) की पहचान की। एआई ने संकेत दिया कि यह कैंसर होने की बहुत अधिक संभावना है। जब विस्तृत जांच और बायोप्सी की गई, तो पुष्टि हुई कि यह वास्तव में शुरुआती स्टेज का पैंक्रियाज कैंसर था। समय पर पहचान होने के कारण डॉक्टरों ने तुरंत सर्जरी की और मरीज की जान बच गई।

the photo of large intestine is on the mans body against gray background people with stomach
image- pixabay

क्या कहते हैं आंकड़े और शोध

‘नेचर मेडिसिन’ में प्रकाशित एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, इस एआई मॉडल का परीक्षण 20,000 से अधिक मरीजों पर किया गया। परीक्षण के दौरान इसने 92.9% संवेदनशीलता (Sensitivity) और 99.9% विशिष्टता (Specificity) प्रदर्शित की। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इसने 31 ऐसे मरीजों में कैंसर की पहचान की जिन्हें अनुभवी रेडियोलॉजिस्ट भी पहचानने में चूक गए थे। यह तकनीक अनुभवी डॉक्टरों की तुलना में लगभग 34% अधिक सटीक पाई गई है।

यह भी पढ़ें: कौन बनेगा करोड़पति 17: अगस्त्य नंदा ने KBC के मंच को बताया ‘पेरेंट्स-टीचर मीटिंग’, नाना अमिताभ के सामने हुए नर्वस

अग्नाशय कैंसर के बारे में 9 महत्वपूर्ण बातें जो आपको जाननी चाहिए

पैंक्रियाज कैंसर की मृत्यु दर बहुत अधिक है, जिसका मुख्य कारण देरी से होने वाली पहचान है। आंकड़ों के अनुसार, यदि इस कैंसर का पता पहली स्टेज पर चल जाए, तो मरीज के बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। लेकिन वर्तमान में केवल 10% मामलों में ही समय पर पहचान हो पाती है। चीन की यह तकनीक इस 10% के आंकड़े को बड़े स्तर पर बदलने की क्षमता रखती है।

ultrasound scanning of intestines abdominal cavity right lobe liver bile ducts gallbladder
image- pixabay

स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति और वैश्विक मान्यता

इस एआई मॉडल की सफलता को देखते हुए अमेरिकी स्वास्थ्य नियामक संस्था FDA (Food and Drug Administration) ने इसे ‘ब्रेकथ्रू डिवाइस’ का दर्जा दिया है। यह दर्जा उन तकनीकों को दिया जाता है जो किसी जानलेवा बीमारी के इलाज या निदान में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। चीन के कई सार्वजनिक अस्पतालों में अब इसे नियमित स्क्रीनिंग का हिस्सा बनाया जा रहा है। सबसे अच्छी बात यह है कि यह तकनीक महंगे कॉन्ट्रास्ट एजेंटों या जटिल मशीनों के बिना काम करती है, जिससे यह भविष्य में गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए भी सुलभ हो सकती है।

Pancreatic Cancer Symptoms In Hindi ...
Image- TheHealthSite

भविष्य की उम्मीद

पैंक्रियाज कैंसर से होने वाली 90% मौतों को समय पर पहचान के जरिए रोका जा सकता है। चीन में हुआ यह सफल प्रयोग यह साबित करता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल डेटा प्रोसेसिंग का साधन नहीं है, बल्कि यह जीवन रक्षक प्रणाली भी बन सकती है। यह तकनीक उन लाखों लोगों के लिए एक नई उम्मीद है जो बिना किसी चेतावनी के इस बीमारी का शिकार हो जाते हैं। आने वाले वर्षों में, जब यह एआई टूल वैश्विक स्तर पर अस्पतालों में उपलब्ध होगा, तो कैंसर के खिलाफ इंसान की जंग एक नए और मजबूत मोड़ पर होगी।

यह भी पढ़ें: हिमाचल प्रदेश में हुई ताजा बर्फबारी, नए साल का शानदार आगाज़, देखने पहुंच रहे पर्यटक

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Leave a Comment