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पूर्व सैनिकों को मिला तोहफा, सीएम ने किया सीएसडी कैंटीन और सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण

On: April 9, 2026 3:06 PM
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पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन
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पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन खटीमा में शुरू करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बड़ी सौगात दी।

सैनिकों को मिला बड़ा तोहफा

 मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा के खेतलसंडा स्थित सीएसडी कैंटीन में स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी की छठी पुण्यतिथि पर आयोजित गौरव सैनिक सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए । इस मौके पर उन्होंने 715.51 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीएसडी कैंटीन एवं 162.26 लाख रुपये से निर्मित सैनिक मिलन केन्द्र का लोकार्पण किया।

पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन
पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन खटीमा का उद्घाटन सैनिकों के सम्मान और कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है

शहीदों को श्रद्धांजलि और वीर नारियों और सैनिकों का सम्मान

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान अपने पिता स्व. सूबेदार शेर सिंह धामी के चित्र पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए तथा शहीदों के चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शहीदों के परिजनों एवं वीर नारियों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित भी किया। इस मौके पर उन्होंने 60 वीर नारियों एवं 80 वीर योद्धाओं को सम्मानित किया।

भावुक हुए मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह उनके लिए अत्यंत भावुक क्षण है, क्योंकि यह आयोजन उनके पिताजी की पुण्य स्मृति में आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा कि 6 वर्ष पूर्व का यह दिन उनके जीवन का सबसे दुखद दिन था, जब उन्होंने अपने पिता को खो दिया। उन्होंने बताया कि उनके पिताजी के विचार, सिद्धांत और संघर्षपूर्ण जीवन आज भी उन्हें प्रेरित करते हैं और हर कदम पर मार्गदर्शन देते हैं।

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पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन खटीमा में CM धामी ने किया लोकार्पण।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी अपनी वर्दी को अत्यंत सम्मान और सलीके से रखते थे। उनसे उन्हें यह सीख मिली कि एक सैनिक के लिए उसकी वर्दी ही उसका सम्मान और जिम्मेदारी होती है। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिताजी ने उन्हें सिखाया कि राजनीति पद प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि जनसेवा का मार्ग है।

पिता की वीरता का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पिताजी ने 28 वर्षों तक महार रेजिमेंट में सेवा देते हुए 1962 के भारत-चीन युद्ध, 1965 व 1971 के भारत-पाक युद्ध तथा ऑपरेशन ब्लूस्टार और ऑपरेशन रक्षक जैसे महत्वपूर्ण अभियानों में योगदान दिया।

सैनिक कल्याण पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों, शहीदों और उनके परिजनों के कल्याण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। शहीदों के परिजनों को मिलने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि की गई है तथा आश्रितों को सरकारी नौकरी दी जा रही है। इसके साथ ही वीरता पुरस्कार प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली आर्थिक सहायता में भी उल्लेखनीय वृद्धि की गई है।

पूर्व सैनिकों के लिए सीएसडी कैंटीन खटीमा का उद्घाटन सैनिकों के सम्मान और कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। यह कार्यक्रम न केवल सुविधाओं का विस्तार है, बल्कि सैनिकों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है।

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(For more updates on Uttarakhand government and army welfare news, stay tuned to MDANO News in Hindi)

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