Haldwani Excise Dept News in Hindi हल्द्वानी, उत्तराखंड में अवैध और जहरीली शराब के खिलाफ शासन के कड़े निर्देशों के बाद आबकारी विभाग एक्शन मोड में है। इसी क्रम में नैनीताल जिले के हल्द्वानी में आबकारी विभाग की टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। विभाग ने मुखानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लामाचौड़ और फतेहपुर इलाकों में सघन छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध कच्ची शराब बरामद की है। इस कार्रवाई की सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि शराब तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए शराब को जमीन के नीचे गाड़ कर रखा था।
गुप्त सूचना पर बिछाया गया जाल
आबकारी विभाग को पिछले कुछ दिनों से मुखानी क्षेत्र के लामाचौड़ और आसपास की कच्ची बस्तियों में अवैध शराब की बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। आबकारी निरीक्षक धीरेंद्र बिष्ट के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम को सटीक मुखबिर से सूचना मिली कि लामाचौड़ के पास एक बगीचे में जमीन के अंदर भारी मात्रा में कच्ची शराब छिपाई गई है, जिसे अंधेरा होने के बाद तस्करी के लिए निकाला जाना था।

छापेमारी और ‘खुदाई’ का मंजर
जब आबकारी विभाग की टीम लामाचौड़ और फतेहपुर के संदिग्ध इलाकों में पहुंची, तो शुरुआती तलाशी में कुछ हाथ नहीं लगा। लेकिन मुखबिर की सूचना पर विश्वास करते हुए टीम ने रोड किनारे स्थित कच्ची बस्ती के पीछे बने बगीचे की ओर रुख किया। वहां जमीन पर कुछ ताजी मिट्टी और संदिग्ध गड्ढे दिखाई दिए।
जब आबकारी कर्मियों ने कुदाल और फावड़े से जमीन की खुदाई शुरू की, तो वहां मौजूद हर कोई दंग रह गया। मिट्टी हटते ही नीचे गाड़े गए प्लास्टिक के ड्रम दिखाई दिए, जिनके अंदर कच्ची शराब के पाउच भरे हुए थे। एक-एक करके खुदाई के दौरान भारी संख्या में पाउच बाहर निकलने लगे।

आबकारी इंस्पेक्टर का बयान: 267 पाउच बरामद
कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए आबकारी इंस्पेक्टर धीरेंद्र बिष्ट ने बताया:
“क्षेत्र में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोकने के लिए विभाग लगातार दबिश दे रहा है। लामाचौड़ और फतेहपुर में की गई इस कार्रवाई के दौरान टीम ने बगीचे के गड्ढों में छिपाकर रखे गए ड्रमों से कुल 267 पाउच कच्ची शराब बरामद की है। तस्करों ने पकड़े जाने के डर से शराब को जमीन के काफी नीचे दबा दिया था।”
बिष्ट ने आगे बताया कि इस मामले में विभाग ने सख्त रुख अख्तियार किया है। मौके से आरोपी फरार होने में कामयाब रहे, लेकिन विभाग ने आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। अब उन लोगों की पहचान की जा रही है जो इस बगीचे का इस्तेमाल शराब छिपाने के लिए कर रहे थे।

कच्ची और जहरीली शराब का खतरा
हल्द्वानी और आसपास के तराई इलाकों में कच्ची शराब का प्रचलन न केवल राजस्व को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि यह आम जनमानस के स्वास्थ्य के लिए भी गंभीर खतरा है। अक्सर अधिक नशा करने के चक्कर में तस्कर शराब में हानिकारक रसायनों (जैसे यूरिया या ऑक्सीटोसिन) का मिश्रण करते हैं, जो इसे ‘जहरीली शराब’ में तब्दील कर देता है। पूर्व में हुई कई घटनाओं को देखते हुए प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है।
मुख्य सचिव ने ली बैठक, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
आबकारी विभाग की रणनीति
- ड्रोन से निगरानी: दुर्गम इलाकों और नदी किनारे होने वाली शराब की भट्टियों को नष्ट करने के लिए अब ड्रोन की मदद ली जा रही है।
- इंटेलिजेंस नेटवर्क: कच्ची बस्तियों और संदिग्ध गांवों में विभाग ने अपने मुखबिरों का जाल बिछा दिया है।
- कड़ी सजा का प्रावधान: पकड़े जाने पर आरोपियों पर न केवल जुर्माना बल्कि गैर-जमानती धाराओं में जेल भेजने की तैयारी है।
जनता से अपील
आबकारी विभाग ने स्थानीय निवासियों से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी अवैध रूप से शराब बनाई या बेची जा रही है, तो उसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। विभाग का लक्ष्य हल्द्वानी को ‘अवैध शराब मुक्त’ क्षेत्र बनाना है।







