ताजा खबरें क्राइम लाइफस्टाइल मौसम खेल बॉलीवुड हॉलीवुड जॉब - एजुकेशन बिजनेस राज्य देश विदेश राशिफल लाइफ - साइंस आध्यात्मिक अन्य
---Advertisement---

भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली को सशक्त बनाने पर मंथन, यूएलएमएमसी द्वारा आयोजित 5 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

On: February 6, 2026 3:28 PM
Follow Us:
भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली
---Advertisement---

भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली को सशक्त बनाने के उद्देश्य से यूएलएमएमसी द्वारा आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तकनीकी कार्यशाला का देहरादून में समापन हुआ।

उत्तराखण्ड भूस्खलन न्यूनीकरण एवं प्रबंधन केंद्र द्वारा हिंदू कुश हिमालय क्षेत्र में आपदा-सक्षम विकास विषय पर आयोजित पांच दिवसीय अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 02 फरवरी से 06 फरवरी, 2026 तक पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण एवं वित्तीय प्रशासन अनुसंधान संस्थान, सुद्धोवाला, देहरादून में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन यूएलएमएमसी द्वारा विश्व बैंक तथा नार्वेयन जियो टेक्निकल इंस्टीट्यूट के सहयोग से किया गया।

पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान देश-विदेश के विशेषज्ञों एवं वैज्ञानिकों ने उत्तराखण्ड में भूस्खलन प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों एवं आधुनिक तकनीकों पर विचार-विमर्श किया।

 सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से उत्तराखण्ड एवं संपूर्ण हिमालयी क्षेत्र में आपदा-सक्षम एवं जोखिम-संवेदनशील विकास को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त आधार तैयार हुआ। समापन के अवसर पर विश्व बैंक पोषित यू-प्रिपेयर परियोजना के निदेशक श्री आनंद स्वरूप ने प्रतिभागियों को सम्मानित किया।

प्रशिक्षण में इस बात को विशेष रूप से रेखांकित किया गया कि उत्तराखण्ड जैसे भूस्खलन-संवेदनशील हिमालयी राज्यों में भूस्खलन पूर्वानुमान प्रणाली, प्रारंभिक चेतावनी तंत्र तथा आधुनिक भू-तकनीकी जांच प्रयोगशाला की स्थापना आपदा जोखिम न्यूनीकरण के लिए अत्यंत आवश्यक है।

 इन वैज्ञानिक अवसंरचनाओं के माध्यम से भूस्खलन जोखिमों की पूर्व पहचान, समयबद्ध चेतावनी तथा साक्ष्य-आधारित निर्णय-निर्माण को सुदृढ़ किया जा सकता है।

विभिन्न सत्रों के दौरान यह बताया गया कि भूस्खलन पूर्वानुमान के लिए वर्षा-आधारित थ्रेशहोल्ड मॉडल, ढाल स्थिरता विश्लेषण, भू-वैज्ञानिक एवं भू-आकृतिक मानकों तथा संख्यात्मक मॉडलिंग का प्रभावी उपयोग किया जाना आवश्यक है। दीर्घकालिक एवं रियल-टाइम डेटा के एकीकरण से भूस्खलन आशंका एवं संवेदनशीलता मानचित्रों को अधिक सटीक बनाया जा सकता है, जिससे उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में समय रहते एहतियाती कदम उठाए जा सकें।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन दिवस को यूएलएमएमसी दिवस के रूप में समर्पित किया गया।

यहाँ भी पढ़े: हरिद्वार में आयोजित स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज की समाधि मूर्ति स्थापना कार्यक्रम का विधिवत समापन,रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत कई हस्तियों ने की शिरकत

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

देहरादून बाल भिक्षावृत्ति मुक्ति अभियान के तहत बच्चों ने खेली होली

डीएम सविन बंसल के प्रयासों से मुख्यधारा से जुड़ने लगा सड़क पर बिखरा बचपन, आधुनिक इंटेंसिव केयर सेंटर के बच्चों ने खेली होली

मुनिकीरेती राफ्टिंग प्रतिबंध के दौरान गंगा में रोक

टिहरी के मुनिकीरेती इको टूरिज्म जोन के तहत गंगा में राफ्टिंग पर प्रतिबंध

अमित शाह हरिद्वार दौरा की तैयारियों का निरीक्षण करते मुख्यमंत्री

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का 7 मार्च को हरिद्वार बैरागी कैम्प में प्रस्तावित दौरा, मुख्यमंत्री ने लिया तैयारियों का जायजा

Uttarakhand Holi News In Hindi: होली के उल्लास के बीच उत्तराखंड के घने जंगलों और वन्यजीवों की सुरक्षा को लेकर वन विभाग पूरी तरह सतर्क है।

Uttarakhand Holi News: होली पर उत्तराखंड के जंगलों में ‘हाई अलर्ट’,फील्ड कर्मियों की छुट्टियां रद्द

चमियाला पार्किंग और डीडीहाट टैक्सी स्टैंड परियोजना

उत्तराखण्ड: टिहरी की चमियाला पार्किंग और पिथौरागढ़ के डीडीहाट टैक्सी स्टैंड परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा, निर्माण कार्यों में तेजी के निर्देश

देहरादून विशेष गहन पुनरीक्षण बूथवार समीक्षा बैठक

देहरादून में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यों की बूथवार समीक्षा

Leave a Comment