Himachal Weather News update in hindi: हिमाचल प्रदेश में एक बार फिर कुदरत का सफेद कहर बरपने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार, राज्य में एक अत्यंत सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Strong Western Disturbance) प्रभावी हो गया है, जिसके कारण कल यानी 27 जनवरी को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बर्फबारी और बारिश का अनुमान है। विभाग ने आगामी 24 से 48 घंटों के लिए विशेष चेतावनी जारी करते हुए पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

4 जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’ और बर्फीला तूफान
मौसम विभाग (IMD) ने कल के लिए लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कुल्लू और चंबा जिलों में भारी बर्फबारी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में न केवल भारी हिमपात होगा, बल्कि 50 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चलने की भी आशंका है। इसके अलावा, शिमला, मंडी, सोलन और सिरमौर जैसे मध्य पर्वतीय क्षेत्रों में हिमपात के साथ ओलावृष्टि का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है।

जनजीवन और पर्यटन पर गहरा असर
पिछले कुछ दिनों से हो रही बर्फबारी के कारण हिमाचल की स्थिति पहले से ही चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। ताज़ा अलर्ट के बाद प्रशासन की चिंताएँ और बढ़ गई हैं:

- सड़कें और यातायात: वर्तमान में राज्य की सैकड़ों सड़कें (NH-05 सहित) बर्फ के कारण प्रभावित हैं। शिमला और मनाली के बीच कई किलोमीटर लंबा जाम लगा हुआ है। नई बर्फबारी से फिसलन और ‘ब्लैक आइस’ की समस्या विकट हो सकती है।
- बिजली और पानी: भारी बर्फबारी से बिजली की लाइनें टूटने और पेयजल पाइप लाइनों के जमने की संभावना है, जिससे ऊंचाई वाले ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा छा सकता है।
- तापमान में गिरावट: सक्रिय विक्षोभ के कारण दिन के तापमान में 4°C से 8°C तक की भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे कड़ाके की शीतलहर (Cold Wave) का प्रकोप बढ़ेगा।

प्रशासन की सख्त एडवाइजरी: ‘मुनाफा नहीं, मदद’
गणतंत्र दिवस के लंबे वीकेंड के कारण शिमला और मनाली में पर्यटकों का भारी जमावड़ा है। स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को 24×7 सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
- पर्यटकों को सलाह: पर्यटक ऊंचे इलाकों और जोखिम भरे रास्तों की ओर रुख न करें। फिसलन भरी सड़कों पर ड्राइविंग करने से बचें।
- होटल मालिकों के लिए निर्देश: प्रशासन ने ‘मुनाफा नहीं, मदद’ का मंत्र देते हुए होटलों को निर्देश दिया है कि सड़कों के बंद होने की स्थिति में पर्यटकों को जबरन चेक-आउट के लिए मजबूर न करें और निर्धारित दरों से अधिक किराया न वसूलें।
मौसम का पूर्वानुमान
यह सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ 28 जनवरी की सुबह तक अपना प्रभाव दिखाएगा। इसके बाद 29 जनवरी को मौसम में आंशिक सुधार की उम्मीद है, लेकिन 31 जनवरी से एक और नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने की संभावना है। किसानों और बागवानों के लिए यह बर्फबारी ‘सफेद सोना’ मानी जा रही है, जो सेब के बागानों के लिए आवश्यक चिलिंग ऑवर्स को पूरा करेगी।

गौर हो कि प्रदेश में बीते सप्ताह की भारी बारिश-बर्फबारी के कारण पहले ही 3 नेशनल हाईवे समेत 832 सड़कें, 1942 बिजली के ट्रांसफॉर्मर और 245 पेयजल योजनाएं ठप पड़ी है। सड़कें बंद होने से लोगों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। आम जनता के साथ साथ टूरिस्ट भी परेशान है। सैकड़ों घरों में तीन दिन से अंधेरा है।

पेयजल योजनाएं जमने से लोगों के घरों में पीने को पानी नहीं मिल रहा। वहीं तापमान में 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आएगी। ऊना, बिलासपुर, सोलन और सिरमौर जिला में कल ओलावृष्टि का भी पूर्वानुमान है। IMD के अनुसार- वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर आज रात से 28 जनवरी की सुबह तक रहेगा। 27 जनवरी को 4 जिलों में दोबारा भारी बर्फबारी का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यह चेतावनी कुल्लू, चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला को दी गई है।












