नए साल का जश्न मनाने और पहाड़ों पर गिरती बर्फ का दीदार करने पहुंचे पर्यटकों की भारी भीड़ ने हिमाचल प्रदेश की यातायात व्यवस्था को चरमरा दिया है। विशेष रूप से मनाली और अटल टनल (रोहतांग) के रास्ते पर हालात ऐसे बन गए हैं कि वाहनों के पहिए थम गए हैं। एक तरफ जहाँ पर्यटक बर्फबारी देख खुशी से झूम रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घंटों लंबे ट्रैफिक जाम ने उनके उत्साह पर पानी फेर दिया है। इस बीच, पूरे उत्तर भारत में शीतलहर और कोहरे का ‘डबल अटैक’ जारी है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
अटल टनल: बर्फ का दीदार और ट्रैफिक का हाहाकार
मनाली से अटल टनल और लाहौल-स्पीति की ओर जाने वाले रास्ते पर पिछले 24 घंटों में पर्यटकों का भारी हुजूम उमड़ा है। ताजा हिमपात की खबरों के बाद हजारों की संख्या में पर्यटक वाहन सोलंग नाला और अटल टनल की ओर दौड़ पड़े। इसके चलते मनाली-लेह मार्ग पर कई किलोमीटर लंबा ट्रैफिक जाम लग गया।
पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, सोलंग नाला से लेकर अटल टनल के साउथ पोर्टल तक गाड़ियां रेंगती नजर आईं। कई स्थानों पर पर्यटक 4 से 6 घंटे तक जाम में फंसे रहे। हालांकि, प्रशासन ने यातायात को सुचारू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है, लेकिन वाहनों की अत्यधिक संख्या और संकरी बर्फीली सड़कों के कारण स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है।
पर्यटक राहुल शर्मा, जो दिल्ली से अपने परिवार के साथ आए थे, ने बताया, “हम बर्फ देखने के लिए बहुत उत्साहित थे, लेकिन अटल टनल तक पहुँचने में ही हमारा आधा दिन निकल गया। जाम इतना भयंकर था कि हम गाड़ी से बाहर निकलकर पैदल चलने को मजबूर हो गए।”
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फिसलन भरी सड़कें और पुलिस की सख्ती
ताजा बर्फबारी के बाद अटल टनल और उसके आसपास की सड़कें अत्यधिक फिसलन भरी हो गई हैं। तापमान शून्य से नीचे जाने के कारण सड़कों पर ‘ब्लैक आइस’ जमने का खतरा बढ़ गया है, जिससे कई जगहों पर वाहनों के फिसलने की घटनाएं भी सामने आई हैं। सुरक्षा के मद्देनजर, कुल्लू और लाहौल-स्पीति पुलिस ने पर्यटकों के लिए एडवाइजरी जारी की है।
खराब मौसम और बर्फबारी को देखते हुए रोहतांग दर्रे की ओर जाने वाले रास्ते को पर्यटकों के लिए पहले ही बंद कर दिया गया है। अब पर्यटकों को केवल अटल टनल के रास्ते लाहौल घाटी (सिस्सू) तक जाने की अनुमति दी जा रही है, लेकिन वहां भी शाम होने से पहले वापसी के निर्देश दिए गए हैं ताकि रात में जमने वाली कोहर (पाला) से होने वाली दुर्घटनाओं से बचा जा सके।
उत्तर भारत में शीतलहर का प्रकोप: 23 शहरों में ‘कोल्ड डे’
सिर्फ पहाड़ ही नहीं, मैदानी इलाके भी ठंड से ठिठुर रहे हैं। मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर भारत के करीब 23 प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया गया है। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली-एनसीआर में घने कोहरे और बर्फीली हवाओं ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

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हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में तापमान जमाव बिंदु (Freezing Point) से नीचे चला गया है। लाहौल-स्पीति के कुकुमसेरी और ताबो में तापमान माइनस में है, जबकि मनाली, कल्पा और नारकंडा में भी कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
मैदानी इलाकों का हाल:
- राजस्थान: चुरू, फतेहपुर और माउंट आबू में पारा जमाव बिंदु के करीब है।
- पंजाब और हरियाणा: बठिंडा, अमृतसर और हिसार में दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम रह गई है, जिससे रेल और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
- दिल्ली: राजधानी में भी सुबह के समय घना कोहरा छाया रहा और न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
कोहरे का ‘डबल अटैक’ और फ्लाइट्स प्रभावित
पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानों में कोहरे की दोहरी मार ने ट्रांसपोर्ट सिस्टम को भी बाधित किया है। चंडीगढ़, अमृतसर और दिल्ली एयरपोर्ट पर कम दृश्यता के कारण कई उड़ानों में देरी हुई है या उन्हें रद्द करना पड़ा है। रेलवे ने भी कोहरे के कारण कई ट्रेनों को रद्द कर दिया है, जबकि दर्जनों ट्रेनें अपने निर्धारित समय से घंटों देरी से चल रही हैं।

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पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना मौसम के पूर्वानुमान को देख कर ही बनाएं। विशेष रूप से जो लोग अपनी निजी गाड़ियों से पहाड़ों का रुख कर रहे हैं, उन्हें फॉग लाइट्स का इस्तेमाल करने और धीमी गति से गाड़ी चलाने की हिदायत दी गई है।
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मौसम विभाग की चेतावनी: अभी नहीं मिलेगी राहत
मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए भी चेतावनी जारी की है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने के कारण हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में 6 और 7 जनवरी को और अधिक बर्फबारी होने की संभावना है। इसका सीधा असर मैदानी इलाकों पर पड़ेगा, जहाँ शीत लहर (Cold Wave) और तेज हो सकती है।
शिमला मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक ने बताया, “आगामी 48 घंटों में मध्यम से ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम साफ होने पर तापमान में और गिरावट आएगी, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ेगा।”

पर्यटकों के लिए एडवाइजरी
प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे:
- बर्फबारी वाले क्षेत्रों में रात के समय सफर करने से बचें।
- अपनी गाड़ियों में स्नो चेन (Snow Chains) का इंतजाम रखें।
- होटल बुकिंग सुनिश्चित करने के बाद ही यात्रा शुरू करें, क्योंकि भारी भीड़ के कारण होटल्स फुल चल रहे हैं।
- पुलिस द्वारा जारी ट्रैफिक प्लान का सख्ती से पालन करें।

जहाँ एक ओर बर्फबारी ने पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर रौनक ला दी है, वहीं दूसरी ओर प्रशासन के लिए यह भीड़ और मौसम एक बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में मौसम का मिजाज और पर्यटकों का उत्साह क्या नया मोड़ लेता है।










