बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की करारी हार के बाद, पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के परिवार में गंभीर आंतरिक कलह सामने आई है। लालू यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक भावुक और सनसनीखेज पोस्ट करते हुए राजनीति छोड़ने और परिवार से नाता तोड़ने का ऐलान किया है।
किडनी दान करने वाली बेटी पर सवाल रोहिणी आचार्य ने शनिवार को किए गए अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि उन्हें ऐसा करने के लिए तेजस्वी यादव के रणनीतिकार संजय यादव और रमीज ने कहा है। उन्होंने अपने पोस्ट में अपनी व्यक्तिगत पीड़ा भी जाहिर की और लिखा कि उन्हें गालियां दी गईं और कहा गया कि उन्होंने अपने पिता को अपनी ‘गंदी किडनी’ लगवा दी और इसके लिए करोड़ों रुपये लिए और टिकट लिया। उन्होंने कहा कि उनके मायके में उन्हें अनाथ बना दिया गया है और उन्होंने सभी बेटियों को सलाह दी है कि जब मायके में कोई बेटा हो, तो अपने पिता को बचाने के लिए अपनी किडनी दान करने की ‘गलती’ न करें।
रोहिणी आचार्य कौन हैं?
- पहचान: रोहिणी आचार्य लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी की नौ संतानों में दूसरी बेटी हैं। उनका जन्म 1979 में पटना में हुआ था।
- शिक्षा और पेशा: उन्होंने जमशेदपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज (MGM) से MBBS की डिग्री प्राप्त की है और खुद को एक शिक्षित पेशेवर के रूप में बताती हैं, जिन्होंने अपना पेशा सामाजिक सेवा बताया है।
- किडनी दान: वह दिसंबर 2022 में उस समय पूरे देश में चर्चा में आई थीं, जब उन्होंने अपने बीमार पिता लालू यादव को अपनी किडनी दान कर उनकी जान बचाई थी। इस भावनात्मक बलिदान के लिए उनकी देशभर में जमकर तारीफ हुई थी।
- राजनीतिक करियर: वह सिंगापुर में अपने पति और तीन बच्चों के साथ रहती हैं। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव सारण सीट से लड़ा था, लेकिन वह राजीव प्रताप रूडी से हार गई थीं।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर यह भी आरोप लगाया है कि उन्हें चप्पल मारी गई, और यह विवाद तेजस्वी यादव की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाने के बाद शुरू हुआ, जहां उन्होंने आरोप लगाया कि तेजस्वी लगातार संजय यादव के सुझावों पर चलते रहे। इस विवाद से लालू परिवार की वह एकजुट छवि, जो उनकी पार्टी की ताकत मानी जाती थी, अब बिखरती हुई नजर आ रही है।











