बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दो चरणों का मतदान समाप्त होने के बाद, मंगलवार शाम को जारी हुए एग्जिट पोल के नतीजों में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को भारी बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है। लगभग सभी प्रमुख सर्वेक्षण एजेंसियों ने यह अनुमान जताया है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए एक बार फिर से स्पष्ट बहुमत के साथ राज्य में सरकार बना सकता है।
एग्जिट पोल के मुख्य रुझान
विभिन्न सर्वेक्षण एजेंसियों द्वारा जारी किए गए एग्जिट पोल के औसत रुझानों के अनुसार, 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए बहुमत के आंकड़े (122 सीट) को आसानी से पार करता हुआ दिख रहा है।
एनडीए (NDA): ज्यादातर एग्जिट पोल में एनडीए को 130 से 167 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।
महागठबंधन (MGB): तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाले महागठबंधन (जिसमें राजद, कांग्रेस और वाम दल शामिल हैं) को 70 से 108 सीटों के बीच सीमित रहने का अनुमान है।
अन्य दल: राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर की नवगठित ‘जन सुराज’ पार्टी को अधिकांश एग्जिट पोल में कोई खास सफलता मिलती नहीं दिख रही है, जिसे 0 से 7 सीटें मिलने का अनुमान है।
प्रमुख पार्टियों का प्रदर्शन (औसत अनुमान)
बीजेपी (BJP): एनडीए के भीतर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरने की संभावना है, जिसे 70 से 82 सीटें मिल सकती हैं।
जेडीयू (JDU): वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) को 52 से 68 सीटें मिलने का अनुमान है।
आरजेडी (RJD): महागठबंधन में राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) को 51 से 80 सीटें मिलती दिख रही हैं, जो इसे महागठबंधन का सबसे बड़ा दल बनाती हैं।
एलजेपी (रामविलास): एनडीए में वापसी करने वाले चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को भी एग्जिट पोल में 4 से 19 सीटों के बीच अच्छा प्रदर्शन करते दिखाया गया है।
2020 का सबक
हालांकि, राजनीतिक विश्लेषकों ने इस बात पर जोर दिया है कि बिहार ऐसा राज्य रहा है जहां एग्जिट पोल की भविष्यवाणियां कई बार वास्तविक नतीजों से पूरी तरह उलट साबित हुई हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में भी अधिकतर एग्जिट पोल ने महागठबंधन को बहुमत दिया था, लेकिन वास्तविक परिणामों में एनडीए ने जीत हासिल की थी।
मतदान की गिनती और अंतिम नतीजे 14 नवंबर को घोषित किए जाएंगे, जिसके बाद ही राज्य में बनने वाली सरकार की वास्तविक तस्वीर साफ हो पाएगी।









