राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव को हाल ही में पार्टी कार्यकर्ताओं और विरोधियों के साथ हुई झड़पों के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वाई+ (Y+) श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। यह फैसला राज्य में उनकी सुरक्षा को लेकर बढ़ते खतरों और पिछले कुछ समय में उनके साथ हुई अप्रिय घटनाओं को देखते हुए लिया गया है।
तेज प्रताप यादव ने खुद अपनी जान को खतरा बताते हुए केंद्र सरकार और बिहार पुलिस महानिदेशक से सुरक्षा बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया था कि उन्हें पार्टी और परिवार से अलग करने की साजिश रची जा रही है और कुछ असामाजिक तत्व उन्हें जान से मारने की धमकी भी दे रहे हैं।
यह कदम तब आया जब हाल ही में, विशेष रूप से विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान, तेज प्रताप यादव को कई स्थानों पर आरजेडी कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। उदाहरण के लिए, उन्हें महनार विधानसभा क्षेत्र में एक चुनावी सभा के दौरान अपने ही कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और पत्थरबाजी का सामना करना पड़ा था। ऐसी खबरें भी सामने आई थीं कि कार्यकर्ताओं ने उनके काफिले को घेर लिया था और उन्हें बिना सभा किए वापस लौटना पड़ा था।
इसके अलावा, अतीत में भी उनके सरकारी आवास पर कुछ लोगों द्वारा जबरन घुसने और हंगामा करने की घटनाएं सामने आई थीं, जिसके बाद उन्होंने पहली बार वाई श्रेणी की सुरक्षा की मांग की थी।
वाई+ श्रेणी की सुरक्षा मिलने के बाद, तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कमांडो की एक टीम तैनात रहेगी, जिसमें 11 सुरक्षाकर्मी (एक या दो कमांडो और पुलिसकर्मी) शामिल होंगे। यह निर्णय उनकी राजनीतिक गतिविधियों और निजी जीवन को देखते हुए खतरे के आकलन के बाद लिया गया है।








