गांधीनगर में आज गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न हुआ, जिसमें युवा नेतृत्व को बढ़ावा देने और आगामी चुनावों को ध्यान में रखते हुए क्षेत्रीय व जातिगत समीकरणों को साधने पर विशेष जोर दिया गया। राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने महात्मा मंदिर में आयोजित भव्य समारोह में उप-मुख्यमंत्री समेत कुल 25 मंत्रियों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
इस मंत्रिमंडल पुनर्गठन की सबसे बड़ी खबर रही युवा और पूर्व गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी का उपमुख्यमंत्री बनना। पार्टी के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और युवाओं में उनकी लोकप्रियता को देखते हुए भाजपा आलाकमान ने उन्हें यह बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। जैन समुदाय से आने वाले संघवी का प्रमोशन 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की भविष्य की रणनीति का एक स्पष्ट संकेत माना जा रहा है।
मंत्रिमंडल में कुल 25 सदस्य शामिल किए गए हैं, जिनमें 19 नए चेहरे हैं। इस नई टीम में क्षेत्रीय संतुलन का खास ख्याल रखा गया है। सौराष्ट्र-कच्छ क्षेत्र से सबसे अधिक 9 मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिसके पीछे इस क्षेत्र में आम आदमी पार्टी के बढ़ते प्रभाव को कम करने की रणनीति बताई जा रही है। वहीं, उत्तर गुजरात और मध्य गुजरात से भी पर्याप्त प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है।
जातिगत समीकरणों की बात करें तो, पाटीदार समुदाय से 6 और ओबीसी समुदाय से 8 मंत्रियों को जगह मिली है, जो गुजरात की राजनीति में इन दोनों वर्गों के महत्व को दर्शाता है। साथ ही, आदिवासी समुदाय से 4 मंत्रियों को शामिल करके जनजातीय वोट बैंक को साधने का प्रयास किया गया है।
महिलाओं के प्रतिनिधित्व को भी बढ़ाया गया है, जिनमें क्रिकेटर रवींद्र जडेजा की पत्नी और पहली बार विधायक बनीं रिवाबा जडेजा को भी राज्य मंत्री के रूप में शामिल किया जाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस व्यापक फेरबदल के जरिए यह संदेश दिया है कि सरकार और संगठन दोनों में युवा ऊर्जा और नए दृष्टिकोण को महत्व दिया जा रहा है। यह पुनर्गठन स्पष्ट रूप से भाजपा की 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत और व्यापक आधार वाली टीम बनाने की रणनीति का हिस्सा है।








